हिंदी ब्लॉगिंग में कभी कभी कुछ ऐसा नज़र आ जाता है कि दिल की धड़कने बढ़ जाती हैं, आंखों पर भरोसा नहीं होता, कल्पना के घोड़े दौड़ने लग जाते हैं, मन शेखचिल्ली जैसा हो जाता है। ऐसा ही अभी कुछ देर पहले हुया। आज संध्या जब दीपावली पर एक पोस्ट लिखने की मंशा से ब्लॉगस्पॉट पर मैंने लॉग इन किया तो कुछ खटका निगाह में।

मामला यह था कि डैश बोर्ड की भाषा को मैं अक्सर बदलता रहता हूँ। पिछले दो सप्ताह से इसे मैंने हिंदी में किया हुया है। भाषा जब हिंदी हो तब भी इसमें पोस्ट्स के सामने लिखी तारीखें अब तक अंग्रेजी के अंको में लिखी हुई दिखती थीं जैसे 16-07-09 किन्तु आज संध्या से यह देवनागरी के अंकों में १६-७-०९ जैसे दिखनी शुरू हो गई है। अब सावन के अंधे को हरा ही हरा नज़र आयेगा ना?


अब मन शेखचिल्ली बना यही सोच रहा कि हिंदी के लिए गूगल एडसेन्स वापस आ रहा क्या दीपावली उपहार के रूप में? वैसे मेरे हिंदी ब्लॉगों पर एडसेंस के विज्ञापन कई सप्ताह से अक्सर दिखाई दे रहे हैं। देखें क्या होता है कल। शायद कोई घोषणा कर दे गूगल!

दीपावली पर्व की आप सभी को बधाई।

गूगल एडसेंस, हिंदी के लिए अपना जलवा एक बार फिर बिखेरने के लिए तैयार हैलगभग तीन वर्ष पहले इसने हिंदी ब्लॉगिंग के क्षेत्र में उत्साह ला दिया थाबहुत सी तकनीकी दिक्कतों के कारण इसे अपने कदम पीछे लेने पड़े थेसबसे बड़ी समस्या थी हिंदी में वर्तनी (Spelling) की गलतियों के कारण, अनुदित शब्दों का विज्ञापनदातायों के विशिष्ठ शब्दों (KeyWords) का मेल ना हो पानाबहुभाषी क्षेत्रों में प्रयुक्त बोलचाल वाली हिंदी की विडम्बना है कि सम्बंधित क्षेत्र का व्यक्ति उसे अपने उच्चारण के हिसाब से लिखता है, जबकि स्थापित मानक कुछ और होते हैं।


पिछले कुछ दिनों से गूगल एडसेंस धारक ब्लॉगों पर यदाकदा विज्ञापन दिखने शुरू हो गए हैं, कुछ में अभी भी सार्वजनिक सेवा के विज्ञापन दिखते हैं। अगर गौर से देखा जाए तो गूगल के विज्ञापन दिखाऊ ब्लॉगों में शब्दों की प्रचुरता नहीं है। जाने अनजाने, कुछ चुनिंदा शब्दों के आधार पर, विज्ञापन आ ही जाते हैं।

गूगल एडसेंस की कार्यप्रणाली यही है कि विज्ञापनदाता के चुने गये विशिष्ठ शब्दों (KeyWords) का मेल यदि संबंधित लेख में लिखे गये शब्दों से हो जाये तो वह विज्ञापन दिखना शुरू हो जाता है। हालांकि यह किसी एक शब्द की बात नहीं है लेकिन फिर भी इसकी कार्यप्रणाली यही है। गूगल की इस वक्त चल रही प्रक्रिया में, अन्य भाषायों से अनुदित हिंदी के मानक शब्दों का डाटाबेस बन रहा है जो विज्ञापनदातायों को अपने विशिष्ठ शब्द चुनने में मदद करेगा। गड़बड़ यहीं से होनी शुरू हो जाती है।

मान लीजिए कोई ब्लॉगर साथी लिख रहा है कि ब्लोग्गिंग से संबधित कुछ बातें और योनायें तो सोची ही हैं तो वास्तव में वह लिखना चाहता था कि ब्लॉगिंग से संबंधित कुछ बातें और योजनाएं तो सोची ही हैं। इस वाक्य के विशिष्ठ शब्द हैं ब्लॉगिंग व योजनाएं, जिसे विज्ञापनदाता ने अपने विज्ञापन दिखलाने के लिए चुना हुया है। अब लिखे गए वाक्य के आधार पर विज्ञापन दिखेगा क्या? नहीं दिखेगा! अब अगर कोई ब्लॉगर साथी लिखे कि अभी कल ही एक सॉलिड तरीका हाथ लगा! पर किलियर किए देते हैं कि सोमावार को मेरी उंगलियाँ कीबोर्ड्वा पर यूं चली लोगां बोलने लगे कौमा फुलस्टाप की जगह बदलो, शब्दों की प्लेसिंग बदलो। इसे पाठक तो समझ लेगा पर किन्तु विज्ञापनदाता का मशीनी सर्वर नहीं समझ पाएगा। नतीजा? विज्ञापन नहीं!! क्योंकि उसके डाटाबेस में तो सोमवार, कीबोर्ड, अर्धविराम, पूर्णविराम, स्थान, स्पष्ट, ठोस जैसे शब्द उपलब्ध हैं!

यह हिंदी लेखन के लिए विज्ञापनों के प्रारंभिक काल की स्थिति है। उत्तरोत्तर इसमें भी सहज स्वीकार्य शब्दों का समावेश जैसे जैसे होता जाएगा, स्थिति में परिवर्तन होता जाएगा।

अब प्रश्न किया जा सकता है कि कैसे मालूम किया जाए कि किस शब्द की स्वीकार्यता है किसकी नहीं? इस बारे में सबसे सटीक युक्ति यही है कि संबंधित शब्द/ शब्दों के लिए गूगल सर्च का अध्ययन किया जाए।

विज्ञापन संबंधी खोज परख के लिए गूगल ने एक ऑनलाईन उपकरण दिया हुया है जिसका उपयोग विज्ञापनदाता अपने विशिष्ठ शब्द चुनने के लिए प्रयोग करते हैं। उसका प्रयोग किसी सीमा तक हिंदी लेखों में विज्ञापन आकर्षित करने वाले शब्दों को चुनने के लिए किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, यदि इसका प्रयोग किया जाए तो ज्ञात होगा कि भारत शब्द का विशिष्ठ उपयोग, खोज के लिए, पिछले 12 माहों में लगभग 12000 दर्ज किया गया है जबकि भारतवर्ष शब्द का मात्र 22! जबकि हिन्दुस्तान व इंडिया का 2900!! हिन्दुस्तां, हिन्दुस्ताँ का तो डाटा ही उपलब्ध नहीं। ऐसे ही आंकड़े मधुमेह के लिए 720 , शुगर के लिए 36 , डायबिटीज के लिए 73 मिलेंगे। स्वभाविक है कि भारतवर्ष या हिन्दुस्तान के बदले भारत तथा मधुमेह शब्द का प्रयोग किए जाने वाले को विज्ञापनों की संभावना अधिक है जबकि शुगर को कोई उम्मीद नहीं।

विज्ञापन प्राप्त करने का इच्छुक कोई भी गंभीर लेखक यदि ऐसी बातों का ध्यान देगा तो इसमें कोई दो मत नहीं कि वह जल्द ही आने वाले गूगल एडसेंस विज्ञापनों के द्वारा धन कमाने में सफल होगा।

यदि कोई इस उपकरण का उपयोग करना चाहे तो क्लिक करे यह गूगल का खोजशब्द उपकरण। परिणामों के लिए आंकड़े कैसे देखे जाएँ इसके लिए यहाँ क्लिक करें, नकारात्मक की वर्ड के उपयोग से बचने जैसे उन्नत टिप्स हेतु यहाँ क्लिक करें। इसके विस्तृत उपयोग पर एक पोस्ट अलग से लिखी जा रही है, जिसे आप इसी सप्ताहांत देख पाएँगें, ऐसी संभावना है।

आपका क्या ख्याल है?

कई ब्लॉगर साथियों का कहना है कि जिनके पास गूगल एडसेंस (Google Adsense) है, किन्तु विज्ञापन नहीं, उनके लिए भी कुछ 'जुगाड़' होना चाहिए। आज आपको बताता हूँ कि ऐसा कैसे किया जा सकता है। वैसे जिनके पास गूगल एडसेंस (Google Adsense) नहीं है वह भी इसे आजमा सकते हैं। मैं बात कर रहा हूँ CareerJet की। जिसे विशेष तौर पर नौकरी की तलाश करने वालों के लिये बनाया गया है। गूगल और याहू जैसे सर्च इंजिन दुनिया जहां की खोज खबर लाते हैं लेकिन CareerJet रोजगार/ नौकरियों पर ध्यान देता है। इसके बैनर विज्ञापन, टेक्स्ट विज्ञापन, सर्च बॉक्स आदि आजीविका संबंधी खोज पर केंद्रित हैं।



पहले बात गैर-एडसेंस धारकों की। इसके विज्ञापन प्राप्त करने के लिए आप यहाँ क्लिक कर आवेदन कर सकते हैं। संबंधित जानकारी दिये जाने, ईमेल में प्राप्त लिंक को क्लिक कर स्वयं को सत्यापित किये जाने के 72 घंटों के भीतर अनुमोदन की ईमेल प्राप्त हो जाती है। अनुमोदित होते ही JobBox, SearchBox, RSS, API, Text links, Banners Logos के HTML कोड लेकर अपने ब्लॉग/ वेबसाईट पर लगाये जा सकते हैं। आप कितने ही ब्लॉग/ साईट पर यह कोड लगा सकते हैं किन्तु प्रत्येक के लिए पंजीयन अपने खाते के भीतर करवाना होगा। विज्ञापनों के कुछ उदाहरण इसी ब्लॉग पर देखे जा सकते हैं। कुछ अधिक जानकारी के लिए FAQs पृष्ठ देखा जा सकता है।

अब बात गूगल एडसेंस (Google Adsense) धारकों की। CareerJet के विज्ञापनों के साथ गूगल एडसेंस (Google Adsense) जोड़ा जा सकता है। जिसके लिए प्रावधान एकाऊँट के भीतर ही दिया गया है। आपको मात्र अपनी गूगल एडसेंस (Google Adsense) आईडी का पता होना चाहिए जिसे एडसेंस खाते में ऊपर दाँयीं ओर पाया जा सकता है। इस सुविधा को चुने जाने पर यदि कोई CareerJet के विज्ञापन पर क्लिक करता है तो राशि CareerJet के खाते में जायेगी, यदि गूगल एडसेंस (Google Adsense) विज्ञापनों पर क्लिक करता है तो एडसेंस (Adsense) खाते में बढ़ोत्तरी होगी। मतलब आम के आम गुठलियों के दाम!

कैसा लगा यह जुगाड़? बताइयेगा।